* सप्तम दिवस माँ कालरात्रि वंदना *
हे मां कालरात्रि, हे मां जीवनदात्री,
हे मां आदिशक्ति, हे मां दैत्यविनाशनी।
करती हो रक्षा सदा अपने भक्तों की,
सुन के पुकार अपने भक्तन की।
हे मां अंधकार विनाशिनी, हे मां ज्योति स्वरूपा,
तेरे चरणों में झुके हैं सारे ब्रम्हा, विष्णु, भोले रूपा।
गर्दभ वाहिनी, शुभंकरी, हे मां भयहारिणी,
तेरे आशीष से मिट जाती हर पीड़ा जीवन की।
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