षष्ठी दिवस *माँ कात्यायनी वंदना *

हे मां कात्यायनी, हे माँ दिव्य रूप धारिणी,
हे मां कल्याणिनी, हे माँ सुखप्रदायिनी।

हे माँ सिंह वाहिनी, हे माँ असुर संहारिणी,
हे माँ भव-तारिणी, हे माँ जग-उद्धारिणी।

तेरे चरणों में झुके, सारा संसार है,
तेरी कृपा से ही तो, होता बेड़ा पार है।

जो भी द्वार तेरे आए, खाली न जाए,
तेरी ममता की छाया में, सब दुख मिट जाए।

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