*पंचम दिवस मां स्कंदमाता वंदना - हे माँ ममतामयी*

हे माँ स्कंदमाता, हे माँ कार्तिकेय की माता,
हे माँ ममतामयी, हे माँ जगजननी,
तेरे चरणों में शीश झुकाऊँ, हे माँ मोक्ष दायिनी।

चार भुजाओं वाली माता, स्कंद को गोद लिए,
एक हाथ में कमल सुशोभित, दूजे से वर दिए,
तीसरी भुजा से थामे स्कंद को, चौथी से अभय किए,
तेरे मुख पर तेज निराला, भक्तों के कष्ट हरे।

जो भी तेरा ध्यान लगाए, ज्ञान और बुद्धि पाए,
निर्बल को बल देती माता, मूढ़ को ज्ञानी बनाए,
संतान सुख की दाता माता, सूनी गोद भरे,
तेरी ममता का आँचल पाकर, हर जीवन संवर जाए।

हे माँ स्कंदमाता, आओ, मेरे घर आंगन में,
ज्योति जला कर रखी है, मैं तेरे इंतजार में,
मेरी विनती सुन लो माता, मुझे अपने चरणों में रख लो,
हर जन्म में तेरी सेवा करूँ, ऐसा वरदान दे दो।

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