हे मां कुष्मांडा हे मां अष्टभुजा सृष्टि की हो सृजनकर्ता भक्तों की हो दुखहर्ता है निवास आप मध्य सूर्यलोक में चतुर्थ दिन है आपके पूजन का नवरात्रि में हे रोगनाशिनी हे जीवनदायनी बनी रहे कृपा हम पर हे जगजननी।
हे मां चंद्रघंटा हे मां चंद्रिका घंटा आकर चंद्र माथे पर शोभित दिव्य तेज पुंज से हो आप सुशोभित नवरात्रि में तृतीय दिन है आपका आप प्रतीक है शांति और साहस का रहे कृपा हम पर हे कल्यानी माता बनाए रखना सदा आशीर्वाद हे माता।
हे मां ब्रह्मचारिणी नवदुर्गा में हैं आप द्वितीय स्वरूपधारणी बाएं हाथ में कमण्डल और दाएं हाथ में हैं जपमाला श्वेत रूप है आपका अनुपम सुख देने वाला सिखलाती है पाठ ब्रह्मचर्य, तप, त्याग और संयम का बनी रहे कृपा हम पर सदा हे मां आपका ,
हे मां शैलपुत्री हे मां वृषारूढ़ा है वाहन वृषभ आपका बाएं हाथ में शोभित है आपके श्वेत कमल का फूल दाएं हाथ में धारण करती हो शत्रु संहारक त्रिशूल शांत सौम्य है स्वरूप आपका सिखलाता है मार्ग अध्यात्म का हो प्रतीक दृढ़ता और संकल्प का हे गिरिराज हिमालय नंदनी बनी रहे कृपा हम पर हे जग जननी ।
होली का रंग , दोस्तों के संग , चलो करते है हुड़दंग, गुझिया और भंग के संग, राधकृष्ण का अद्भुत प्रेम प्रसंग, अद्वितीय है ये रंगों का संगम, भींगो देता है ये सबको रंगों में रंगारंग , आओ मनाए रंगों का उत्सव हम सब संग ।
सुरक्षा और कल्याण को अपनाना है देश को विकसित बनाना है। चाहे हो वो हमारा कार्यक्षेत्र या हो वो हमारा गृहक्षेत्र हर क्षेत्र में हो सुरक्षा सर्वश्रेष्ठ। संयंत्र में कार्य का जरूरी तीन मंत्र हेलमेट, जूते और सुरक्षा नियम तंत्र। बहुत दुखद हैं छोटी सी एक भूल कर देती है जीवन को धूल धूल । आओ ले मिलकर हम सब संकल्प आज रहे सुरक्षा पालन हमारे जीवन का प्रथम काम काज। सुरक्षा को अपनाना है देश को विकसित बनाना है।
चले थे तुमको समझाने को हम पत्थरों पे पानी से लकीरे बनाने को हम अपने चेहरे को मुखौटे से छिपा रखा है तुमने दुनिया के सामने अपने को देवता बना रखा है तुमने तुमको शायद ये मालूम नहीं है झूठ की बहुत लंबी उम्र नहीं है जब चेहरे से तुम्हारे मुखौटा हटेगा तब तुम्हारे पे यही दुनिया हसेगा करेगें याद तुमको लोग कहकर बगुलाभगत बहुत याद आयेंगे तुमको तुम्हारे कारनामों के चित्रपट