आज है त्यौहार भाई बहन के बंधन का आज है पावन दिवस रक्षाबंधन का बांधकर राखी भाई के कलाई पर लगाकर तिलक भाई के माथे पर करती है प्रार्थना अपने भाई की सलामती का कहती है मन ही मन करना है रक्षा भाई तुमको बहन का ।
आज मौका है जन्मदिवस का दोस्तों के संग मौज मस्ती का हुआ है कम एक साल ज़िंदगी का जरूर यही तो जीवन जीने का दस्तूर है हुजूर यह जीवन यूहीं चलता जाएगा नईं नई कहानियां यूहीं लिखता जाएगा
ये रिश्ते बड़े अनमोल है नहीं इनका कोई मोल है अपनो से है कैसा गिला शिकवा ये तो रिश्तों का है खट्टा मीठा कहवा करके नजरंदाज हर छोटी मोटी बातों को रखना है एक सूत्र में बांधकर अपने रिश्तों नातो को ।
कहलाते है वो हम सबके चंदा मामा प्यारे जा पहुंचा हमारा चंद्रयान आज उनके द्वारे बचपन में जिनकी कहानियां सुनते थे हम उनसे आज हुए है रूबरू हम हैं गर्व का पल हम सब के लिए आज हमने लिख दिया हैं एक नया इतिहास ।