मेरी मां प्यारी मां मेरी प्यारी न्यारी मां ममता की तुम मूरत थी हम सबकी तुम जरूरत थी चेहरे पे रहती थी मुस्कान हमेशा चाहे हो सामने कितनी भी मुश्किल और हताशा करके अपने इच्छाओं और सपनों को अर्पण जीवन रहा हमेशा तुम्हारा हम बच्चों के लिए समर्पण मां याद हर क्षण तुम आती हो साथ हमेशा होने का एहसास दिलाती हो ।
हमने यह ठाना है मंजिल को पाना है माना डगर है ये मुश्किल माना हालत है ये जटिल रख हौसला तू ए मेरे दोस्त न हो निराश तू ए मेरे दोस्त करता रह यूंही बस तू दिल से प्रयास आंखों में लेकर सपनों को पाने की आस न तुझे रुकना है ए मेरे दोस्त न तुझे थमना है ए मेरे दोस्त वह दिन भी जरूर आयेगा जब तू मंजिल को पाएगा जो लोग हंसते थे तेरे नाकामियों पे वो ही सुनाएंगे किस्से कहानियां तेरी कामयाबियों की
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